दैनिक जागरण हिंदी समाचार Hindi news from dainik jagran hindi newspaper

दैनिक जागरण उत्तर भारत का सर्वाधिक लोकप्रिय समाचारपत्र है। पिछले कई वर्षोँ से यह भारत में सर्वाधिक प्रसार संख्या वाला समाचार-पत्र बन गया है. यह समाचारपत्र विश्व का सर्वाधिक पढ़ा जाने वाला दैनिक है। इस बात की पुष्टि विश्व समाचारपत्र संघ (वैन) द्वारा की गई है.
दैनिक जागरण को 1942 में शुरू किया गया था। इसका श्रेय आक्रामक स्वतन्त्रता सेनानी श्री पूरनचन्द्र गुप्ता को जाता है। 1942 का वर्ष भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम का बहुत महत्वपूर्ण वर्ष था जब भारत में अंग्रेज़ों की दासता से मुक्त होने के लिए संघर्ष अपने चरम पर था। भारत छोड़ो आंदोलन इस संघर्ष का एक महत्वपूर्ण पड़ाव था। ऐसे निर्णायक मोड़ पर दैनिक जागरण को इसके संस्थापक स्वर्गीय पूरनचन्द्र गुप्ता द्वारा जारी किया गया। इस दृष्टि के साथ कि अखबार जन-समूह के मुक्त स्वर को प्रतिबिम्बित कर सके। प्रथम संस्करण 1942 में झांसी से जारी किया गया। 1947 में इसका मुख्यालय झाँसी से कानपुर ले जाया गया.
इस पृष्टपर दैनिक जागरण के ऑनलाईन हिंदी आवृत्तीके मुख्य समाचारोंके लिक्सं दिये है ताकी आप आसानी से हिंदी खबर पढ सके. दैनिक जागरण ताजा समाचार.

Dainik Jagran is an Indian Hindi-language daily newspaper. As per Indian Readership Survey 2012, Q-4, Dainik Jagran is the most read newspaper in India with an average Issue Readership (AIR) of 16.37 million.It has also been declared by the World Association of Newspapers (WAN) as one of the most read newspapers in the world and that mean jagran hindi news reaches that many people. The newspaper is owned by Jagran Prakashan Limited, a publishing house listed on the Bombay Stock Exchange and the National Stock Exchange of India. Jagran Prakashan Limited also acquired Mid Day in 2010 and Naiduniya in 2012. On this page we provide links to Jagran news in hindi so you can read hindi khabar from jagran.
The newspaper Jagaran was launched in 1942 in Jhansi during the Indian freedom struggle (Quit India movement) by Puran Chandra Gupta, a nationalist, to voice nationalistic sentiments. Puran Chandra's legacy was carried forward by literary stalwarts like Narendra Mohan who has carried forward the paper’s editorial legacy. In 1947, a second edition made its appearance in Kanpur. In a succession of planned expansions, Rewa and Bhopal editions were added in 1953 and 1956. Gorakhpur was added in 1975, followed by Varanasi, Allahabad, Meerut, Agra and Bareilly in the 1980s, and finally Delhi in 1990. After this Dainik Jagran ventured out into other states like Uttarakhand , Haryana , Bihar, Jharkhand, Punjab, Jammu, Himachal Pradesh and West Bengal.