चुनावी वर्ष में जगह-जगह गढ़ गए मांगे मनवाने के लिए तंबू

ग्वालियर,नईदुनिया प्रतिनिधि। स्कूलों में पदस्थ शिक्षा कर्मियों को पहले अध्यापक संवर्ग में लाने, उसके बाद 21 दिसम्बर 2017 को मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षक वर्ग का दर्जा देने की घोषणा ने अन्य विभागों में पदस्थ कर्मचारियों की बुझती आस को फिर से जिंदा कर दिया है। स्थिति यह है कि अब हर विभाग के कर्मचारियों को लग रहा है कि इस चुनावी साल में उनकी मांगें भी पूरी