चीन की काट? श्रीलंका पहुंचे PM मोदी के दूत

गोटबाया के राष्ट्रपति चुने जाने के दो दिन बाद ही एस. जयशंकर के श्रीलंका दौरे के गहरे मायने हैं। श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के भाई गोटबाया को भी चीन का ही करीबी माना जाता है। कूटनीतिक जानकारों का कहना है कि श्रीलंका पर चीन के असर को कम करने के लिहाज से भारत ने यह पहल की है।