देश में बढ़ते कोरोना मरीजों पर शिवसेना चिंतित

मुंबईदेश में कोरोना मरीजों की सर्वाधिक संख्या महाराष्ट्र में है, पर सत्ताधारी दल शिवसेना को इसकी चिंता नहीं है। उसे इस बात की चिंता है कि कोरोना मरीजों की संख्या के मामले में भारत दुनिया में तीसरे नंबर पर आ गया है। पार्टी का कहना है कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि पिछले 24 घंटे में देश में 25,000 मरीज बढ़े हैं और ऐसे ही चलता रहा, तो जल्द ही दुनिया में कोरोना के सर्वाधिक मरीज भारत में होंगे।

मंगलवार की दोपहर तक देशभर में कोरोना के कुल मरीजों की संख्या 7,23,186 तक पहुंच गई। इसमें सबसे ज्यादा 2,11,987 मरीज सिर्फ महाराष्ट्र में हैं। दूसरे नंबर पर कर्नाटक है, जहां 1,14,978 मरीज और तीसरे नंबर पर दिल्ली है, जहां 1,00,823 मरीज हैं। देश में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ाने में पूरे देश में महाराष्ट्र नंबर वन पर है।

पीएम मोदी पर बोला हमला पार्टी ने अपने मुखपत्र 'सामना' के माध्यम से कोरोना के बढ़ते मरीजों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला। पार्टी का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भरोसा जताया था कि कोविड-19 के खिलाफ जंग 21 दिनों में जीत ली जाएगी, लेकिन अब 100 दिन से ऊपर हो गए हैं और संकट जस का तस बना हुआ है।

शिवसेना का कहना है कि कोविड-19 के खिलाफ जंग महाभारत के पौराणिक युद्ध से ज्यादा मुश्किल है। साथ ही कहा कि वैश्विक महामारी के खिलाफ जंग 2021 तक चलेगी, क्योंकि बीमारी का टीका उससे पहले उपलब्ध नहीं हो पाएगा। पिछले 24 घंटे में 25,000 से ज्यादा कोविड-19 के मामले सामने आना, देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण एवं गंभीर बात है, जो आर्थिक महाशक्ति बनने का सपना देख रहा है। पार्टी का कहना है कि मरीजों की संख्या के लिहाज से हमने रूस को पीछे छोड़ दिया है। अगर मामले इसी तरह बढ़ते रहे तो इस दुर्भाग्यपूर्ण क्षेत्र में हम नंबर एक पर आ जाएंगे।

कोरोना वॉरियर्स भी शिकारपार्टी का कहना है कि कोरोना से लड़ी जा रही इस लड़ाई में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी, डॉक्टर व अन्य प्रशासक चपेट में आ रहे हैं, जो देश और राज्य के लिए बेचैन करने वाली बात है। किसी पार्टी या व्यक्ति का नाम लिए बिना, शिवसेना ने सवाल उठाया कि लॉकडाउन कब तक जारी रहेगा। लॉकडाउन में ढील देते हैं, तो कोरोना वायरस का खतरा फिर से सिर पर मंडराने लगता है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कुछ हद तक लॉकडाउन प्रतिबंधों में ढील दी है, लेकिन खतरा अब भी टला नहीं है। साथ ही पार्टी यह भी मानती है कि दवाई आने तक हमें तब तक कोरोना वायरस के साथ रहना पड़ेगा।

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