वीके सिंह बोले, H-1B वीजा को लेकर अमेरिकी प्रशासन के संपर्क में है सरकार

नई दिल्ली
सरकार की तरफ से कहा गया है कि वह अमेरिकी प्रशासन के साथ भारतीयों के वीजा को लेकर संपर्क में है और H-1B वीजा पर भी बातचीत की जा रही है। सरकार का कहना है कि दोनों देशों के साझा हितों को देखते हुए बात की गई है। विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में बताया कि स्किल्ड प्रोफेशनल अमेरिकी अर्थव्यवस्था को भी फायदा पहुंचाते हैं और इनोवेशन में भी मदद करते हैं। सिंह ने कहा, 'भारत सरकार अमेरिकी प्रशासन और कांग्रेस के साथ सभी मुद्दों को लेकर संपर्क में है और H-1B वीजा को लेकर भी बातचीत जारी है।'

बिड़ला ने कहा, निकट भविष्य में अर्थव्यवस्था के सामने आ सकती हैं चुनौतियां

मुंबई
उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला ने अर्थव्यवस्था के सामने निकट भविष्य के अवरोधों के प्रति सचेत किया। उन्होंने कहा कि तेल की कीमतें, महंगाई, बॉन्ड्स यील्ड्स और चालू खाता घाटा में वृद्धि चिंता का विषय है। बुधवार को बिड़ला ने अल्ट्राटेक सीमेंट की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में कहा कि जब दुनिया में बढ़ते व्यापार संरक्षणवाद, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, भू-राजनैतिक जोखिम और विकसित देशों में मौद्रिक नीतियों को सख्त बनाए जाने की तरफ नजर जाती है तो मौजूदा सकारात्मक परिदृश्य कुछ मंद दिखने लगता है।

ऐपल से दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी का ताज छीनने के करीब ऐमजॉन

सैन फ्रैंसिस्को
बुधवार को ऐमजॉन.कॉम की मार्केट वैल्यू पहली बार 900 अरब डॉलर (करीब 61.91 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच गई। ऐमजॉन के लिए पब्लिकली लिस्टेड कंपनी के रूप में अपने 21 वर्षों के सफर का यह बड़ा पड़ाव है क्योंकि वह ऐपल से वॉल स्ट्रीट के सबसे ज्यादा मूल्यवान कंपनी होने का ताज छीनने के करीब पहुंच गया है।

जियो के चैलेंज का जवाब, हाथ मिला रहीं टेलिकॉम और ईकॉमर्स कंपनियां

रसूल बैले/देविना सेनगुप्ता, नई दिल्ली/मुंबई
पिछले साल दिसंबर में एयरटेल के पोस्ट-पेड सब्सक्राइबर्स को ऐमजॉन प्राइम की एक साल की मेंबरशिप फ्री में दी गई। फिर इस साल जुलाई में वोडाफोन के 18 से 24 साल के प्रीपेड यूजर्स को 499 की आधी सालाना फीस पर 12 महीने की ऐमजॉन प्राइम सर्विस ऑफर की गई। बाजार के जानकारों और कंपनी के एग्जिक्युटिव्स के मुताबिक इन कदमों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जियो इन्फोकॉम के ई-कॉमर्स, डीटीएच और दूसरी डिजिटल सर्विसेज के ऑफर्स की चुनौती से निपटने के लिए टेलिकॉम कंपनियों और ई-कॉमर्स दिग्गजों में ऐसे और करार हो सकते हैं।

फायदे में चल रहे पावर-स्टील प्लांट्स बेचेगी सरकार!

धीरज तिवारी/योगिमा सेठ शर्मा, नई दिल्ली
सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के सफलता से चल रहे पावर और स्टील प्लांट जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रॉजेक्ट्स को भी प्राइवेट सेक्टर के हाथ बेच सकती है। इस कदम का मकसद ग्रीनफील्ड इनवेस्टमेंट यानी नए प्रॉजेक्ट्स में निवेश को बढ़ावा देना है। प्लांट्स बेचने से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल नई कैपेसिटी बनाने के लिए किया जाएगा। एनटीपीसी और सेल इंडिया लिमिटेड जैसी सरकारी कंपनियों के ऑपरेशनल और फायदे में चल रहे एसेट्स को बेचकर फंड जुटाने के प्रपोजल पर काम किया जा रहा है।