पीएनबी ने कहा, ग्राहकों को परेशानी से बचाने के लिए पर्याप्त उपाय

नई दिल्लीपंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) में 11,300 करोड़ रुपये के घोटाले के बाद बैंक के ग्राहकों के मन में भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। इस बीच बैंक ने कहा है कि ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है और वह किसी भी देनदारी को पूरा करने के लिए पूरी तरह सक्षम है और उन्हें किसी भी ट्रांजैक्शन में कोई दिक्कत नहीं होगी।

रोटोमैक के खिलाफ सीबीआई के बाद ईडी ने भी दर्ज किया केस, 3,695 करोड़ का है घोटाला

नीरज चौहान, नई दिल्ली रोटोमैक पेन कंपनी के मालिक विक्रम कोठारी के खिलाफ लोन फ्रॉड के मामले में सीबीआई के बाद प्रवर्तन निदेशाल (ईडी) ने भी मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर लिया है। अब तक बताया जा रहा था कि यह घोटाला 800 करोड़ रुपये का है, लेकिन केस दर्ज होने के बाद चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है कि सरकारी बैंकों को 3,695 करोड़ रुपये की चपत लगी है।

PNB महाफ्रॉड: घोटाले की जांच में जवाब से ज्यादा निकल रहे हैं सवाल

राम सहगल/ जोएल रेबेलो, मुंबई
पीएनबी में फर्जी लोन के गोरखधंधे को घोटालेबाज सात साल तक कैसे चलाते रहे, 11,300 करोड़ रुपये के घोटाले के इन सवालों का जवाब ढूंढने में एक्सपर्ट्स को एड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ रहा है। मामले के मुख्य आरोपियों नीरव मोदी और मेहुल चौकसी को किस तरह बैंक लोन मिला और बैंक स्टाफ को पीएनबी और विदेश में दूसरे बैंकों के इंडियन ब्रांच के बीच स्विफ्ट का ऐक्सेस मिला और उसका मिसयूज हुआ, मामले की जांच में जवाब से ज्यादा सवाल निकल रहे हैं।

गीतांजलि के सीएफओ, वाइस प्रेजिडेंट और बोर्ड मेंबर ने दिया इस्तीफा

नई दिल्ली
11,300 करोड़ रुपये के पीएनबी लोन घोटाले में शामिल गीतांजलि जेम्स के बड़े अधिकारियों ने कंपनी से अपना नाता तोड़ लिया है। गीतांजलि जेम्स ने सोमवार को कहा कि चीफ फाइनैंशल ऑफिसर (सीएफओ) चंद्रकांत करकरे सहित सीनियर मैनेजमेंट के दो अधिकारियों और एक बोर्ड मेंबर ने इस्तीफा दे दिया है।

कंपनी ने एक रेग्युलेटरी फाइलिंग में बताया कि वाइस प्रेजिडेंट और कंपनी सेक्रटरी पंखुरी का इस्तीफा 13 फरवरी से प्रभावी होगा जबकि करकरे ने सीएफओ के पद से 15 फरवरी को खुद को अलग किया। बताया गया कि बोर्ड मेंबर कृष्ण संगमेश्वरन ने भी इस्तीफा दे दिया है।

पीएनबी घोटाले के बाद LoU को लेकर बैंकों में सख्ती, छोटी कंपनियों के लिए बढ़ी मुश्किल

सैकत दास/आत्मदीप रे, मुंबई/कोलकाता
नीरव मोदी और उनके मामा मेहुल चौकसी ने लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) के जरिए पंजाब नैशनल बैंक में 11,300 करोड़ रुपये का घोटाला कर डाला। देश के सबसे बड़े बैंकिंग फ्रॉड के बाद दोनों फरार हैं, लेकिन उनकी करतूत से दूसरे व्यापारियों और छोटे कंपनियों के लिए रास्ता मुश्किल हो गया है। पीएनबी फ्रॉड का खुलासा होने के बाद अब सभी बैंकों ने LoU को लेकर अपने नियमों की दोबारा पड़ताल शुरू कर दी है और इन्हें सख्त बनाया जा रहा है। इसका नतीजा यह होगा कि छोटी कंपनियों के लिए शॉर्ट टर्म ओवरसीज क्रेडिट हासिल करना मुश्किल हो जाएगा।