कानपुर: SIT में शामिल DIG पर खुद हैं आरोप

कानपुर
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के बिकरू गांव में 3 जुलाई को एनकाउंटर (Kanpur Encounter) हुआ था। हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे (Vikas Dubey) के इस केस की जांच के लिए अब स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है। इस टीम में शामिल डीआईजी जे रवींद्र गौड़ (J Ravindra Gaur) के खिलाफ ही फर्जी एनकाउंटर का आरोप है। इस केस में उनके खिलाफ सीबीआई जांच चल रही है। इसके अलावा अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी इस एसआईटी के अध्यक्ष हैं। उनके अलावा डीआईजी जे रवींद्र गौड़ (DIG J Ravindra Gaur) और अपर पुलिस महानिदेशक हरिराम शर्मा इस टीम का हिस्सा हैं।

यूपी: थम नहीं रहा कोरोना, 1403 नए मामले

लखनऊ
उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के मामले (Coronavirus Latest News Uttar Pradesh) दिनोंदिन बढ़ते जा रहे हैं। यहां पिछले 24 घंटे में कोरोना (Corona New Cases) के 1403 नए मामले सामने आए हैं। शनिवार को कोरोना वायरस से जान गंवाने वालों की कुल संख्या 913 पहुंच गई। अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में ऐक्टिव मामलों की संख्या 11,490 है जबकि 22,689 लोग इलाज के बाद पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं।

कानपुर शूटआउट, मंत्री मर्डर...दुबे का गुर्गा अरेस्ट

कानपुर/मुंबई
उत्तर प्रदेश के कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में गैंगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर में ढेर होने के बाद पुलिस ने उसके गुर्गों की धरपकड़ तेज कर दी है। इसी क्रम में महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के नजदीकी थाने से मामले में वांछित आरोपी गुड्डन त्रिवेदी को एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया। मामले की जानकारी यूपीएसटीएफ को दी गई है।

परिवार तक पुलिस की पहुंच, घबरा गया था दुबे?

प्रवीण मोहता, कानपुर
तीन दशक तक अपराध की दुनिया पर राज करने वाला विकास दूबे मारा जा चुका है। नेताओं, अधिकारियों और पुलिस के दम पर विकास ने साम्राज्य खड़ा किया। अकूत संपत्ति बनाई। कई लोगों को तोहफे में फार्म हाउस दिए। कई असरदारों के साथ उसने रियल एस्टेट के प्रॉजेक्ट में निवेश किया, लेकिन उसकी मौत के साथ ही इन राजों से परदा हटने की उम्मीद खत्म हो गई है।

अब विकास दुबे की संपत्ति की जांच करेगी ED

कानपुर
कानपुर के बिकरू गांव में 8 पुलिसकर्मियों की बेरहमी से हत्या करने के दोषी हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे (Vikas Dubey Encounter) के एनकाउंटर के बाद अब उसकी नामी और बेनामी सभी चल-अचल संपत्तियों की जांच की जाएगी। यूपी पुलिस विकास और उसके सहयोगियों की लिस्ट प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सौंपेगी।