स्कूल की किचन में 60 जहरीले सांप मिलने से हड़कंप

औरंगाबादमहाराष्ट्र के हिंगोली जिले के जिला परिषद स्कूल की रसोईघर में 60 जहरीले सांप मिलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। स्कूल से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक, यह सांप रसेल वाइपर प्रजाति के हैं और इन्हें दुनिया में बेहद खतरनाक माना जाता है। इतने सारे सांपों के एक साथ मिलने से छात्रों में दहशत है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रसोई में एक जगह लकड़ियां रखी हुई थीं। शुक्रवार को जब रसोईघर में खाना बनाने वाला पहुंचा तो उसने लकड़ियों के पास कुछ सांप घूमते देखे।

बेटों के लिए आम वाली टिप्पणी पर मुश्किल में घिरे संभाजी भिड़े, केस की तैयारी

नासिक
भीमा-कोरेगांव हिंसा के बाद चर्चा में आए विवादास्पद हिंदूवादी नेता संभाजी भिड़े को आम से बेटे होने की उनकी विवादित टिप्पणी के लिए कानून के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। नासिक नगर निगम अब उनके खिलाफ अदालती कार्यवाही की तैयारी कर रहा है।

एक अधिकारी ने शनिवार को कहा, 'नासिक नगर निगम की एक सलाहकार समिति ने भिड़े को गर्भधारण पूर्व और पूर्व-प्रसव नैदानिक तकनीक (लिंग चयन निषेध) अधिनियम (पीसीपीएनडीटी अधिनियम) का अपने बयान के जरिए उल्लंघन का दोषी पाया है।'

पुलिसवाले ने थप्पड़ मारा, तो 18 बार चाकू मार ली जान

विवेक वाघमोडे, कोल्हापुरएक कॉन्स्टेबल के मारे गए थप्पड़ का बदला लेने के लिए एक युवक ने जो किया, उसे सुनकर हर कोई हैरान है। एक 30 वर्षीय कॉन्स्टेबल ने हंगामा कर रहे युवक को थप्पड़ मार दिया जिसका बदला लेने के लिए युवक ने कोल्हापुर के विश्रामबाग एरिया में स्थित एक रेस्ट्रॉन्ट में घुसकर कॉन्स्टेबल पर धारदार हथियार से 18 बार हमला किया। घटना के वक्त कॉन्स्टेबल समाधन मानते वर्दी में थे और उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

शाकाहारी होटेल न देने पर उपभोक्‍ता फोरम ने 75 हजार रुपये जुर्माना लगाया

नासिक
महाराष्‍ट्र के नासिक जिले के रहने वाले एक व्‍यक्ति को अमेरिकी दौरे के दौरान शाकाहारी होटेल नहीं मुहैया करा पाने पर जिला उपभोक्‍ता विवाद निवारण फोरम ने ट्रैवल कंपनी कुलीन कुमार हॉलिडेज को 75 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। बताया जा रहा है कि जिले के मुंबई नाका इलाके के रहने वाले डॉक्‍टर राजेंद्र खिवसारा ने ट्रैवल कंपनी के जरिए 22 दिन का अमेरिका टूर बुक किया था।

यह कैसा मजाक? यहां गर्ल एजुकेशन के नाम पर स्कूल जाने के लिए मिलता है बस 1 रुपये

गढ़चिरौली
महाराष्ट्र में आदिवासी क्षेत्रों में साक्षरता दर बढ़ाने के नाम पर मजाक हो रहा है। इलाके की आदिवासी छात्राओं को रोज स्कूल जाने के लिए महज एक रुपये मिलता है। हैरानी वाली बात यह है कि 1993 में शुरू हुई इस योजना में पिछले 25 साल से कोई बदलाव नहीं हुआ है। यह हाल तब है जब महाराष्ट्र के आदिवासी क्षेत्रों की साक्षरता दर औसत दर्जे से भी काफी कम है।