ये चमत्कारी मणियां दूर कर देती हैं बीमारियां, जानिए किन रोगों में है असरदार

बृहत्संहिता के रत्न अध्याय में उल्लेख है कि सिर्फ कुंडली के ग्रह दोषों को दूर करने के काम नहीं आते हैं, बल्कि इन्हें पहनने से कई तरह की बीमारियां खत्म हो जाती है। दरअसल, आयुर्वेद में भी रत्नों की भस्म द्वारा रोग निवारण के अनेक प्रयोग बताए गए हैं। इसका वैज्ञानिक कारण रत्न में उपस्थित विशेष रासायनिक तत्व हैं।
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हर दिन रहता है ये 90 मिनिट का अशुभ समय, इस टाइम न करें कोई भी खास काम

हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य से पहले मुहूर्त देखने की परंपरा है। ऐसी मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य अच्छे फल प्रदान करते हैं। मान्यता के अनुसार, यदि भूलवश कोई शुभ कार्य अशुभ मुहूर्त में हो जाए तो इसका विपरीत परिणाम होता है। हिंदू धर्म में राहुकाल को किसी भी शुभ कार्य के लिए अच्छा नहीं माना जाता। इसलिए किसी शुभ कार्य को करने से पहले राहुकाल पर जरूर विचार किया जाता है।

6 अनोखे मंदिर: जहां हजारों सालों से अपने आप जल रही है अग्नि

आज हम आपको कुछ ऐसे ही मंदिलरों के बारे में बता रहे हैं, जिजनमें कई वर्षों से चमत्कारिक रूप से लगातार अग्नि जल रही हैं। कैसे हजारों सालों से इन मंदिरों में अखंड ज्योत जलती आ रही हैं, इसका रहस्य आज भी कोई नहीं जान पाया।
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6 टिप्स: मेन गेट के पास तीन टांग वाला मेढ़क रखने पर खत्म होती है दुर्भाग्य

फेंगशुई के अनुसार, धन और सुख-शांति बढ़ाने के लिए कई वस्तुओं का महत्व बताया गया है। ये चीजें घर में रखने पर धन लाभ से लेकर, अच्छी सेहत तक सभी कुछ मिलता है।
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तनोट माता मंदिर- 1965 में पाकिस्तान ने यहां ने गिराए थे हजारों बम, देवी करती हैं भक्तों की रक्षा

राजस्थान के जैसलमेर के पास ही स्थित है भारत और पाकिस्तान की बार्डर। यहां एक देवी मां का मंदिर है। मंदिर में तनोट राय माता की प्रतिमा स्थापित है। यहां मान्यता है कि ये माताजी बलूचिस्तान स्थित माता हिंगलाज का ही रूप हैं। यहां देवी के दर्शन करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और वही पुण्य मिलता है तो माता हिंगलाज मंदिर में दर्शन से मिलता है। तनोट माता भारतीय सीमा सुरक्षा बल की आराध्य देवी हैं।