भास्कर संपादकीय: स्कूलों में फिर शुरू हुआ पास और फेल का खेल

शिक्षा का अधिकार कानून के तहत आठ साल पहले यूपीए सरकार ने बच्चों के मन से पास और फेल का जो असर मिटा दिया था, उसे एनडीए सरकार वापस ले आई है। पास-फेल होना ज़िंदगी के फलसफे का सबसे कठिन रहस्य है और इंसानों की एक जमात इसके तनाव से जितनी दूर भागना चाहती है, दूसरी जमात उसे उतनी ही मजबूती से लागू करना चाहती है।
आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

महाभारत 2019: सड़क, पानी, बिजली जैसे मसले दबने से कश्मीरी नाखुश, जम्मूवासी बोले- भाजपा सरकार में हमारे साथ नौकरियों में भेदभाव बढ़ा

लोकसभा की महज छह सीटों वाला जम्मू व कश्मीर राष्ट्रीय राजनीति में हमेशा अहम मुद्दा रहा है। भाजपा द्वारा पीडीपी से समर्थन वापसी के बाद यहां राजनीति और गरमा गई है। राज्य के लोग मानते हैं कि समर्थन वापसी 2019 के लोकसभा चुनाव के पहले भाजपा का छवि सुधारने का प्रयास है। फिलहाल बीजेपी के पास लद्दाख, ऊधमपुर, जम्मू की 3 लोकसभा सीटें हैंं। पीडीपी के पास बारामूला और नेशनल काॅन्फ्रेंस के पास श्रीनगर सीट है। अनंंतनाग सीट खाली है।

भास्कर संपादकीय: मानसून सत्र में विपक्ष का सहयोग चाहता है सत्ता पक्ष

​बजट सत्र के दूध से जली सरकार मानसून सत्र के छाछ को फूंक मारकर पी रही है। यही वजह है कि 24 दिनों की 18 बैठकों के मानसून सत्र के आरंभ होते ही लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने तेलुगू देशम पार्टी की ओर से प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव विचारार्थ स्वीकार कर लिया है। यह प्रस्ताव आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा न दिए जाने पर केंद्र के विरुद्ध पेश किया गया है। इसी मुद्‌दे पर तेलुगु देशम पार्टी ने राजग सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था। बजट सत्र में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे

महाभारत 2019: दलित खेत में हल जोत लेगा, लेकिन ब्राह्मण हल पकड़ने में भी सोचेगा, इसलिए गरीब सवर्ण को आरक्षण दो- पासवान 

एनडीए में घटक दल लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष और उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान से दलित और गठबंधन की राजनीति पर भास्कर के संतोष कुमार और अमित कुमार निरंजन ने बात की।
आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

महाभारत 2019: कुमारस्वामी के आंसू और मोदी का विकास समर- तरुण विजय का विश्लेषण

कर्नाटक में साझी सरकार के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के आंसू उन दिनों की याद दिलाते हैं, जब कांग्रेस ने सिद्धांतहीन अवसरवादी गठबंधनों में चंद्रशेखर, देवेगौड़ा, इंद्रकुमार गुजराल जैसे नेताओं के साथ धोखा और छल किया था। कांग्रेस का हर गठबंधन विश्वासघात और जनता से छल का अनवरत दस्तावेजी प्रवाह है।
आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें