जानें, कब है जया एकादशी और क्या है इसका महत्व?

व्रतों में प्रमुख व्रत नवरात्रि , पूर्णिमा , अमावस्या तथा एकादशी के हैं.
उसमे भी सबसे बड़ा व्रत एकादशी का माना जाता है. चन्द्रमा की स्थिति के
कारण व्यक्ति की मानसिक और शारीरिक स्थिति ख़राब और अच्छी होती है.

बसंत पंचमी पर ऐसे करें मां सरस्वती को प्रसन्न

माघ शुक्ल की पंचमी तिथि को विद्या और बुद्धि की देवी माँ सरस्वती की
उपासना की जाती है. इसी उपासना के पर्व को वसंत पंचमी कहते हैं. वर्ष के
कुछ विशेष शुभ काल में से एक होने के कारण इसको "अबूझ मुहूर्त"भी कहा जाता
है. इसमें विवाह, निर्माण तथा अन्य शुभ कार्य किये जा सकते हैं. ऋतुओं के
इस संधि काल में ज्ञान और विज्ञान दोनों का वरदान प्राप्त किया जा सकता है.

गुप्त नवरात्र में गोपनीय रखें अपनी मनोकामनाएं, होंगी पूरी

साल में चार नवरात्र होते हैं, जिनमें से दो गुप्त नवरात्र होते हैं. गुप्त
नवरात्रि विशेष तौर पर गुप्त सिद्धियां पाने का समय होता है. आमतौर पर लोग
दो नवरात्रों के बारे में जानते हैं- चैत्र या वासंतिक नवरात्र और आश्विन
या शारदीय नवरात्र. इसके अलावा दो और नवरात्र भी हैं. जिनमें विशेष कामनाओं
की सिद्धि की जाती है.

मौनी अमावस्या 2018: इस दिन हुआ था द्वापर युग का प्रारंभ

माघ महीने की तीसरी शुभ तिथि है मंगलवार,16 जनवरी. इस दिन माघी अमावस्या
है. जिसे कृष्ण पक्ष की मौनी अमावस्या भी कहा जाता है कहा जाता है कि यह
दिन मुनियों के लिए अनंत पुण्यदायक है. इस दिन मौन रहने से पुण्य लोक, मुनि
लोक की प्राप्ति होती है.

Makar Sankranti: इस बार माघ में बन रहे हैं ये 7 'महासंयोग'

माघ का महीना भारतीय संवत्सर के हिसाब से 11वां चंद्र मास और दसवां सौर मास
है. हिंदू पंचाग को अगर अंग्रेजी कैलेंडर के मुताबिक़ देखें तो इस बार 2
जनवरी से 31 जनवरी तक कि अवधि माघ महीना की है. मान्यता है कि माघ में गंगा
या नदियों में स्नान से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है.