सीटी बजाने पर टीचर ने उतार दी शॉर्ट्स, अरेस्ट

नवी मुंबई
महाराष्ट्र के कलंबोली के एक प्राइवेट स्कूल की महिला टीचर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। महिला टीचर पर आरोप है कि उसने 6 साल के बच्चे को क्लास के सारे बच्चों के सामने शॉर्ट्स उतारने की सजा दी। महिला टीचर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने वाले बच्चे के पिता खुद रायगड जिला परिषद स्कूल में टीचर हैं।

कलंबोली थाने के एसआई मछींद्र खडे ने बताया कि बच्चे के पिता ने अपनी शिकायत में कहा है कि उनके बेटे ने क्लास में सीटी बजाई। इसके लिए क्लास टीचर ने पूरी क्लास के सामने उसकी शॉर्ट्स उतार दी। उनके बच्चे को बहुत शर्मिंदगी महसूस हुई।

ऑटो में छूट गए सवा लाख, ड्राइवर ने लौटाए

मुंबई
भले ही सवारी बैठाने को लेकर ऑटो चालक और लोगों में विवाद की बातें आम हों, लेकिन कुछ ऐसे भी ऑटो चालक हैं जिनकी बदौलत उनका मान-सम्मान बरकरार है। इन्हीं में से एक हैं अतुल मनोहर बोरड, जिन्होंने ईमानदारी की मिसाल पेश कर भाईंदर निवासी अनजान महिला यात्री का सवा लाख रुपये से भरा बैग बोरीवली पुलिस की मदद से वापस करने में कामयाब रहा।

डिग्री कॉलेजों में प्रवेश की तीसरी लिस्ट जारी

मुंबई
छात्र-छात्राओं के ल‍िए मुंबई विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों ने बुधवार को प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए तीसरी और अंतिम मेरिट लिस्ट जारी कर दिया। इस मेरिट लिस्ट से अधिकतर विद्यार्थियों को प्रवेश मिल सकेगा। कॉलेजों के विषयों और संकायों के अनुरूप ही कटऑफ रहा। कई ऐसे विद्यार्थियों की भी लॉटरी लग गई, जो पहली मेरिट लिस्ट के कटऑफ को देखते हुए निराश हो गए थे।

अधिकारी नहीं जागे, तो खुद शुरू किया गड्ढे भरना

मुंबई
मुंबई की सड़कों पर गड्ढों की समस्या हर दिन बड़ी होती जा रही है। मॉनसून में यह समस्या इसलिए ज्यादा बड़ी हो जाती है, क्योंकि गड्ढों में पानी भरा होने की वजह से ये नजर नहीं आते और इनमें गिरकर लोग हादसों का शिकार होते हैं। अब तक गड्ढों में गिरकर कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

इन गड्ढों से निजात दिलाने के लिए मुंबई के माहिम के रहने वाले दो युवक सामने आए हैं। इरफान मच्छीवाला (44) और मुश्ताक अंसारी (38) रोज शहर के बिजी वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे पर बने गड्ढों को भरते हैं।

टैक्सी चालक पिता ने बेटे संग किया ग्रैजुएशन

मुंबईपढ़ने की कोई उम्र नहीं होती इसलिए सारी झिझक छोड़कर एक पिता ने अपने बेटे के साथ ग्रैजुएशन पूरा कर अपना सपना पूरा किया। यहां बात हो रही है मुंबई निवासी टैक्सी ड्राइवर फारूक शेख की। फारूक ने हाल ही में अपने बेटे के साथ यशवंतराव चव्हाण ओपन यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएशन पूरा किया है।

इसके बाद मानो उनके हौसले को मानो पंख लग गए हों। फारूक बताते हैं कि आर्थिक रूप से भी बहुत संपन्न नहीं थे। बिगड़ती आर्थिक स्थिति के कारण ही उन्होंने टैक्सी ड्राइवर के रूप में नौकरी शुरू की। इसके बाद उन्होंने और बेहतर कमाई के लिए ग्रैजुएशन के बारे में विचार किया।