दिल्ली-NCR में उमस से मिली राहत, रिमझिम बारिश

नई दिल्ली
कई दिनों की उमस के बाद आखिरकार आज दिल्लीवालों को थोड़ी राहत मिली है। दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम के कई इलाकों में शुक्रवार शाम झमाझम बारिश हुई वहीं एनसीआर में भी मौसम का मिजाज बदला-बदला नजर आया। कई जगहों पर रिमझिम बारिश हुई तो कहीं तेज हवाओं ने लोगों को गर्मी से राहत पहुंचाई। गुरुग्राम में भी हल्की बारिश हुई।

तिहाड़ जेल में बंद बदमाश, सोशल मीडिया से चला रहा गैंग!

नई दिल्ली
राजधानी दिल्ली में मौजूद देश की सबसे बड़ी जेल तिहाड़ की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल उठा है। आरोप है कि जेल में बंद एक गैंगस्टर दिनेश कराला ने जेल से ही किसी के मर्डर की सुपारी अपने गुर्गे को दे डाली। पकड़े गए शख्स के मुताबिक, सोशल मीडिया पर दिनेश कराला ने ही उससे बात भी की थी। मामला अमन विहार में पिछले हफ्ते हुए कत्ल से जुड़ा है। इसमें पुलिस ने जिस शूटर लीलू को पकड़ा उसने यह दावा किया कि उसे ऐसा करने को दिनेश कराला ने कहा था, वह भी सोशल मीडिया के जरिए।

कोरोनाः कम हुई ऐक्टिव केसों की संख्या

नई दिल्ली
राजधानी में कोरोना संक्रमण के मामले 1 लाख 10 हजार के करीब पहुंच गए हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि ऐक्टव केसों की संख्या 25 हजार से घटकर अब करीब 21 हजार हो गई है। शुक्रवार को 2089 नए केस रिपोर्ट हुए। इसके अलावा 42 मरीजों की जान चली गई। दिल्ली में कुल मामले बढ़कर 1,09,140 हो गए हैं और अब तक 3300 लोगों की मौत हो चुकी है।

10वीं मंजिल से कूदकर AIIMS के डॉक्टर ने की खुदकुशी

नई दिल्ली
राजधानी दिल्ली स्थित AIIMS में एक 25 वर्षीय रेजिडेंट डॉक्टर ने 10वीं मंजिल से कूदकर खुदकुशी कर ली। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस के मुताबिक डॉक्टर को काफी चोट आई और गंभीर हालत में AIIMS में ही भर्ती कराया गया लेकिन जान नहीं बचाई जा सकी।

जानकारी के मुताबिक डॉक्टर डिप्रेशन का शिकार था और अपनी मां के साथ रहता था। शाम करीब 5 बजे वह हॉस्टल की बिल्डिंग से कूद गए। पुलिस ने बताया कि डॉक्टर का मोबाइल भी छत से ही बरामद हुआ है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।

गोली लगने से 5 ऑर्गन डैमेज हुए, ऐसे बची जान

नई दिल्ली
कोरोना महामारी के बीच 8 घंटे की लंबी सर्जरी कर गंगाराम अस्पताल के डॉक्टरों ने बुलेट इंजरी में घायल हुए एक मरीज की जान बचाई। पेट में लगी गोली से लिवर, किडनी, गॉल ब्लैडर, छोटी आंत का कुछ हिस्सा डैमेज हो गया था। लगातार खून बह रहा था। मरीज की जान खतरे में थी। ऐसे में कोविड के खतरे को जानते हुए भी डॉक्टरों की टीम ने रिस्क लेते हुए सर्जरी को अंजाम देने का फैसला किया। सभी ऐहतियात लेते हुए रात साढ़े बारह बजे सर्जरी शुरू की, जो सुबह साढ़े आठ बजे तक चली। डॉक्टरों ने बिना किसी ऑर्गन को निकाले सभी को रिपेयर करने में सफलता प्राप्त की और मरीज को नई जिंदगी मिल गई।