पैसे की कमी के कारण दुर्लभ बीमारियों से बच्चे मर रहे हैं...सरकार के पास में फंड पड़ा हुआ है, कोर्ट ने केंद्र सरकार को लगाई फटकार

नयी दिल्ली दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि बच्चों के लिए दुर्लभ रोग कोष में अप्रयुक्त 193 करोड़ रुपये पड़े होने को लेकर केंद्र ने कोई पर्याप्त स्पष्टीकरण नहीं दिया है। अदालत ने इस बात पर जोर दिया है कि धन उपलब्ध होने के बावजूद वह ऐसी बीमारियों से बच्चों को मरने नहीं देगी। उच्च न्यायालय ने पूरी बात का मजाक बनाने के लिए अधिकारियों की खिंचाई की और कहा कि यह अजीब है कि आवंटित धन उपलब्ध है लेकिन दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित बच्चों पर खर्च नहीं किया जा रहा है।

मरीज तड़पते रहे, गिड़गिड़ाए लेकिन डॉक्टर नहीं आए, रेजीडेंट डॉक्टरों की बेमियादी हड़ताल जारी

नई दिल्ली
रेजिडेंट डॉक्टरों की बेमियादी हड़ताल से रूटीन के साथ-साथ इमजरेंसी सेवाओं पर पड़ रहे असर से गरीब और आम मरीज पिस रहे हैं। खासकर सफदरजंग, आरएमएल और लेडी हार्डिंग अस्तपाल में इस स्ट्राइक का भारी असर हो रहा है। यहां पर ओपीडी से लेकर इमरजेंसी और रूटीन सर्जरी तक पर इसका असर हो रहा है। बीते शुक्रवार से ही रेजिडेंट डॉक्टरों ने रूटीन काम बंद कर रखा है और सोमवार से इमरजेंसी सेवा का भी बहिष्कार कर दिया। इन चार दिनों में सैकड़ों सर्जरी प्रभावित हुईं। सोमवार को सफदरजंग अस्पताल में एक महिला मरीज की इलाज नहीं मिलने की वजह से जान चली गई, बावजदू इसके स्ट्राइक जारी है।

ओमीक्रोन के खतरे के बीच दिल्ली में बढ़ रहे कोरोना केस, 24 घंटे में 65 नए मामले, एक की मौत

नई दिल्ली
नए वेरिएंट ओमीक्रोन के खतरे के बीच देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना केस एक बार फिर बढ़ने लगे हैं। दिल्ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 65 नए मामले सामने आए और महामारी से एक मरीज की मौत हो गई। इसके साथ ही संक्रमण की दर 0.11 प्रतिशत दर्ज की गई। स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को यह जानकारी दी।

दिल्ली में दिसंबर में अब तक कोविड-19 से दो मरीजों की मौत हो चुकी है। नवंबर में सात, अक्टूबर में चार और सितंबर में पांच मरीजों की मौत हुई थी। शहर में अब तक संक्रमण के 14,41,514 मामले सामने आ चुके हैं और 25,100 मरीजों की मौत हो चुकी है।

अगले चार दिन प्रदूषण नहीं करेगा परेशान, पहाड़ों की तरफ से आ रही ठंडी हवा ने किया कमाल

नई दिल्ली
बारिश के बाद से पहाड़ों की तरफ से आ रही ठंडी हवा ने राजधानी का प्रदूषण काफी कम कर दिया है। ऐसे में अगले चार दिन यानी 11 दिसंबर तक प्रदूषण अधिक परेशान नहीं करेगा। इससे पहले मंगलवार को करीब दो महीने बाद राजधानी को इतनी साफ हवा मिली। हालांकि, हवा का स्तर अब भी खराब बना हुआ है, लेकिन सर्दियों में खराब स्तर की हवा राजधानी के लोगों के लिए सांस की तकलीफ कम करने वाली साबित हो रही है।