आरएलडी की वापसी के लिए चौधरी पिता-पुत्र ने झोंकी ताकत

मुजफ्फरनगर में सौहार्द पर फोकस, बीजेपी से सतर्क रहने की अपील
Shadab.Rizvi@timeshroup.com
मेरठ : आरएलडी की खोई सियासी चमक वापस लाने के लिए पिता अजित सिंह और पुत्र जयंत चौधरी ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। सौहार्द पर फोकस को लेकर उनका तीर निशाने पर लग सकता है। मुजफ्फरनगर दंगे से टूटी जाट-मुस्लिम एकता को जोड़ने के लिए उन्होंने पहल भी शुरू की है। आरएलडी नेताओं को मिल रहा समर्थन भी इसकी तस्दीक कर रहा है।

वेस्ट यूपी में सफर होगा सुहाना, कॉन्वेंट की तरह कुर्सी पर बैठ सकेंगे प्राइमरी स्कूलों के बच्चे

शादाब रिजवी, मेरठ
यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार के बजट से वेस्ट यूपी में सफर सुहाना होने और यहां के बदहाल प्राइमरी स्कूलों के बच्चों को भी कॉन्वेंट स्कूलों के बच्चों की तरह साफ पानी और बैठने के लिए कुर्सियां मिलने की उम्मीदें जगी हैं।

BSP हाइकमान के निर्देश, पैर छूने के स्थान पर 'जय भीम' से हो अभिवादन

शादाब रिजवी, मेरठ
यूपी में 2017 के विधानसभा चुनाव में बुरी तरह पराजित होने के बाद अब बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने अपने संगठन और इसके काम करने के तौर तरीकों में बदलाव करना शुरू कर दिया है। पार्टी के संगठनात्मक ढांचों में परिवर्तन के बाद अब बीएसपी ने अभिवादन के तरीके में भी बदलाव किया है। बीएसपी हाइकमान की ओर से संगठनात्मक स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच समानता लाने के भाव से अब अभिवादन के दौरान किसी भी कार्यकर्ता के पैर छूने पर रोक लगा दी गई है।

जाट-मुसलमान एकता पर आरएलडी की नजर, मुजफ्फरनगर में उतरे बाप-बेटे

शादाब रिजवी, मेरठ
राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) की कोशिश है कि जिस जमीन से सियासी दुत्कार मिली, वहीं से 2019 में सत्कार हासिल किया जाए। इसके लिए पहले पिता अजित सिंह ने दो दिन मुजफ्फरनगर में रहकर दंगे के दंश को भूलकर हिंदू-मुसलमानों से एक होने की अपील की और अपनी जिंदगी का 80वां साल सौहार्द में लगाने का ऐलान किया, वहीं अब बेटे जयंत चौधरी सोमवार को सौहार्द सभा करने मुजफ्फरनगर पहुंच रहे हैं। सियासी जानकारों का मानना है कि चौधरी परिवार की यह सक्रियता और सौहार्द की मुजफ्फरनगर से लोकसभा की चुनावी जंग में कूदने की तैयारी है।

आरएसएस का राष्ट्रोदय: सहारनपुर का शब्बीरपुर बनेगा जातीय भेद मिटाने की नजीर

शादाब रिजवी, मेरठ
मेरठ में होने जा रहे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के देश के सबसे बड़े समागम राष्ट्रोदय में तीन लाख से ज्यादा स्वयं सेवक हिस्सा लेंगे। इसमें खास बात यह होगी कि सहारनपुर के जिस शब्बीरपुर गांव से दलित और ठाकुरों के बीच एक साल पहले जातीय भेद पैदा हुआ था, वहीं गांव समागम में इस भेद को समाप्त करने की नजीर बनेगा। इसी के साथ सीएम, केंद्रीय मंत्री, सूबे के मंत्री और बीजेपी के दिग्गज पदाधिकारी वीआईपी नहीं सामान्य स्वयं सेवक के तौर पर प्रोग्राम में शामिल होंगे।